दहेज प्रथा पर निबंध | Dahej Pratha Par Nibandh Hindi


दहेज प्रथा पर निबंध(Dahej Pratha Par Nibandh Hindi):- आज के समय की दहेज प्रथा से कौन परिचित नहीं होगा ? यह प्रथा हमारे देश भारत में सदियों से प्रचलित है। दहेज प्रथा समाज में चल रही बुराइयों में से एक है। यह मानव निर्मित सभ्यता है जो पूरी दुनिया में फैली हुई है।

दहेज प्रथा का अर्थ है धन (नकद), गहने, फर्नीचर, संपत्ति, और अन्य कीमती सामान, आदि जो दुल्हन के परिवार द्वारा शादी के समय दूल्हे के परिवार को दिया जाता है। (Dahej Pratha Par Nibandh Hindi)

दहेज प्रथा पर निबंध | Dahej Pratha Par Nibandh Hindi

इस व्यवस्था को दहेज प्रथा कहते हैं। (Dahej Pratha Par Nibandh Hindi) लेकिन आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि दहेज लेना और दहेज देना अपराध है। आइए आज हम आपके लिए दहेज प्रथा पर एक निबंध लिखने जा रहे हैं।

Table of Contents

1. दहेज़ प्रथा पर निबंध 200 शब्दों में (Essay on dowry system in 200 words)
  1. प्रस्तावना (preface)
  2. क्या दहेज़ प्रथा से मिलता है कोई लाभ
  3. निष्कर्ष
2.दहेज़ प्रथा पर निबंध 300 शब्दों में (Essay on dowry system in 300 words)
  1. प्रस्तावना
  2. पहले इस कारण दिया जाता था दहेज़
  3. दहेज़ प्रथा को रोकने का उपाय
3. दहेज़ प्रथा पर निबंध 500 शब्दों में (Essay on dowry system in 500 words)
  1. प्रस्तावना
  2. दहेज़ के दुष्परिणाम
  3. दहेज़ का वर्तमान स्वरुप
  4. समस्या का समाधान
  5. निष्कर्ष

दहेज़ प्रथा पर निबंध 200 शब्दों में (Essay On Dowry System In 200 Words)

प्रस्तावना (Dahej Pratha Par Nibandh)

दहेज प्रथा जिसमें दुल्हन का परिवार अपनी बेटी की शादी के समय दूल्हे के परिवार के सदस्यों को कई उपहार, कीमती सामान आदि देता है।

आज के समय में दहेज प्रथा की काफी हद तक निंदा की जाती है, लेकिन यह आज भी पहले से चल रही है। इसका एक कारण यह भी है कि आज भी देश में ऐसे लोग हैं जो मानते हैं कि दहेज प्रथा का अपना महत्व है।

और लोग इसका पालन करना सही समझते हैं, साथ ही लोगों का यह भी मानना ​​है कि इससे दुल्हन को कई तरह से फायदा हो रहा है।

क्या दहेज प्रथा से कोई फायदा है? (Dahej Pratha Par Nibandh)

माता-पिता अपनी बेटी को ससुराल में दहेज देकर खुश करने की कोशिश करते हैं। दहेज प्रथा कई महिलाओं को स्वतंत्र रूप से जीने में सक्षम बनाती है क्योंकि दहेज में मिलने वाली नकदी, संपत्ति, फर्नीचर, कार और अन्य संपत्ति उनके लिए वित्तीय सहायता के रूप में कार्य करती है।

यह दूल्हा और दुल्हन को उनके जीवन की अच्छी शुरुआत दे सकता है लेकिन क्या यह एक वैध कारण है? अगर ऐसा है तो दोनों परिवारों को दुल्हन के परिवार पर पूरी दावत देने की बजाय अपना करियर बनाने में निवेश करना चाहिए.

निष्कर्ष (Dahej Pratha Par Nibandh)

यह तो सभी जानते हैं कि दहेज प्रथा को इतनी जल्दी पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता है, लेकिन हमें कोशिश करनी होगी कि इसकी शुरुआत हमें पहले खुद से करनी होगी।

उसके बाद ही यह धीरे-धीरे खत्म हो पाएगा, नहीं तो यह प्रथा आने वाली पीढ़ियों के लिए और भी खतरनाक हो जाएगी और ऐसी कई महिलाओं को दहेज प्रथा के कारण प्रताड़ित किया जाता रहेगा।

दहेज़ प्रथा पर निबंध 300 शब्दों में (Essay On Dowry System In 300 Words)


प्रस्तावना (Dahej Pratha Par Nibandh Hindi)

दहेज प्रथा को एक सभ्य प्रक्रिया के रूप में शुरू किया गया था ताकि लड़कियों को उनके नए जीवन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके ताकि वे अपना जीवन नए सिरे से शुरू कर सकें।

आज के समय में वह धीरे-धीरे समाज की सबसे बड़ी कुप्रथा में शामिल हो गई है। बुरी प्रथाओं में बाल विवाह, लैंगिक असमानता, जातिगत भेदभाव, दहेज प्रथा आदि शामिल हैं।

इस प्रथा को रोकने के लिए सरकार द्वारा कई प्रयास किए गए हैं, लेकिन हमारे समय के लोग इसे एक परंपरा के रूप में बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन यह प्रथा हमारे समाज के लिए एक अभिशाप है और इसे रोकना हमारे लिए एक चुनौती बन गया है। हमें इसे धीरे-धीरे पूरी तरह खत्म करना होगा।

पहले दहेज दिया जाता था (Dahej Pratha Par Nibandh Hindi)

शादी से पहले लड़की का परिवार दहेज देता था क्योंकि उस समय लड़की का अपने पिता की संपत्ति पर अधिकार होता था, इसलिए शादी के समय एक पिता ने अपनी बेटी को आशीर्वाद के रूप में दिया था, लेकिन कुछ समय के लिए इस प्रथा में बदलाव आया है कि दूल्हे पक्ष के लोग सामने से दहेज की मांग करने लगे हैं। दहेज प्रथा ने कई महिलाओं को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया है।

दहेज प्रथा को रोकने के उपाय (Dahej Pratha Par Nibandh Hindi)

दहेज प्रथा को रोकने के लिए सरकार ने वर्ष 1975 में एक कानून बनाया था। कानून के अनुसार दहेज लेना और दहेज देना कानूनी अपराध है।

दहेज विरोधी कानून को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने संसदीय समिति का गठन किया है। साल 1983 में दहेज से जुड़े नए कानून सबके सामने लाए गए।

अगर कोई दहेज के लालच में किसी महिला को आत्महत्या के लिए मजबूर करेगा तो उसे और उसके परिवार को दंडित किया जाएगा।

साथ ही दहेज प्रथा के कारण महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को रोकने के उपाय करने होंगे। कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति दहेज लेता है तो उसे 1961 के एक्ट के तहत दहेज लेने पर 3 साल की सजा हो सकती है।

दहेज़ प्रथा पर निबंध 500 शब्दों में (Essay On Dowry System In 500 Words)

प्रस्तावना (Dahej Pratha Par Nibandh Hindi)

भारतीय संस्कृति में कन्यादान की परंपरा का पालन करने वालों ने महिलाओं के साथ काफी न्याय किया है। देश में कन्यादान के साथ-साथ दहेज दान यानि दहेज प्रथा की प्रथा हजारों सालों से चली आ रही है।

दहेज प्रथा का अर्थ यह है कि माता-पिता अपनी बेटी की शादी करते समय दूल्हे के परिवार के सदस्यों को दहेज देते हैं ताकि उनकी बेटी अपने ससुराल में खुशी से रह सके।

पहले के समय में माता-पिता दो से चार बर्तन, कपड़े, गाय आदि दहेज के रूप में देते थे, लेकिन आज के समय में लड़की का पति बनने की फीस चुकानी पड़ती है।

दहेज के दुष्परिणाम (Dahej Pratha Par Nibandh Hindi)

दहेज के कारण एक सीधे-सादे परिवार की लड़की और उसके पिता का सम्मानपूर्वक जीवन यापन करना कठिन हो जाता है।

न जाने देश में इस प्रथा के कारण कितनी महिलाओं की बलि दी गई है। इस दहेज प्रथा ने लाखों परिवारों के जीवन की शांति भंग करने और मानव सम्मान को मिटाने का अपराध किया है।

दहेज का वर्तमान स्वरूप (Dahej Pratha Par Nibandh Hindi)

दहेज का वर्तमान स्वरूप आज के समय में बहुत ही घातक और विकराल रूप ले चुका है क्योंकि आज के समय में अगर लड़की के माता-पिता अच्छा दहेज नहीं देते हैं, तो लड़का लड़की और उसके परिवार का जीना मुश्किल कर देता है।

और वह अपनी बेटी को तब तक प्रताड़ित करता रहता है जब तक कि वह मांगे जाने पर दहेज नहीं देता और अगर कोई कारण है कि लड़की आत्महत्या कर लेती है तो ससुराल वाले लड़की पर खूब आरोप लगाते हैं और उसकी हत्या कर देते हैं।

समस्या को सुलझाना (Dahej Pratha Par Nibandh Hindi)

इस समस्या से निजात पाने के लिए जनता और कानून का सख्त होना जरूरी है। सरकार कानून बनाकर इस दहेज प्रथा को खत्म कर सकती है, लेकिन जनता के सहयोग के बिना यह काम पूरा नहीं हो सकता।

इसलिए देश की महिलाओं और लड़कियों को अपना संघर्ष खुद लड़ना होगा और आत्मनिर्भर बनना होगा। ऐसे घरों का बहिष्कार करना होगा जहां लोग केवल महिलाओं को ही धन प्राप्ति का साधन मानते हैं।

इसके साथ ही शादी के समय खर्च की सीमा भी तय कर लेनी चाहिए और इसका सख्ती से पालन करना चाहिए।

निष्कर्ष (Dahej Pratha Par Nibandh Hindi)

देश की सरकार ने दहेज प्रथा के खिलाफ कानून बनाकर इस प्रथा को रोकने की कोशिश की है। लेकिन आज के समय में दहेज कानून में कई खामियां हैं।

सरकार को दहेज प्रथा से जुड़े कानूनों को और सख्त और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि दहेज मांगने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

लेकिन साथ ही जनता के लिए कानून का समर्थन करना बेहद जरूरी है, तभी इस प्रथा को पूरी तरह खत्म किया जा सकेगा।

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