विष के दांत क्या है? | विष के दाँत कहानी के रचयिता कौन हैं? | 2023

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विष के दांत क्या है? | विष के दाँत कहानी के रचयिता कौन हैं? | 2023

विष के दांत क्या है? | विष के दाँत कहानी के रचयिता कौन हैं? | Question Answer विष के दाँत:- कक्षा 10 हिंदी गोधूलि भाग 2 विष के दांत Subjective Question Answer नीचे दिया गया है। अगर आप बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2023 की तैयारी कर रहे हैं। हिंदी का Subjective Question तथा Objective Question को पढ़ना चाहते हैं। तो यहां पर विष के दांत का लघुत्तरीय प्रश्न उत्तर नीचे दिया गया है Hindi विष के दाँत Objective Question Paper। 2023 ka Matric ka Question Answer


1. गिरधारी का चरित्र-चित्रण करें।

उत्तर:- गिरधारी सेन साहेब की फैक्ट्री का पंसारी (किरानी) और दब्बू आदमी है। अपने बॉस के अनुचित शब्दों के लिए 'जी, जी' कहने से नहीं हिचकिचाते।

वह अन्याय का खुलकर विरोध नहीं करता और अपनी प्रताड़ना का बदला अपने बेटे को पीट कर लेता है। यद्यपि गिरधारी अन्याय का प्रत्यक्ष विरोध करने का साहस नहीं जुटा पाता, तथापि अन्याय का विरोध करने की भावना उसके मन में होती है।

यही कारण है कि गिरधारी सेन के पुत्र काशु, जिसने उसे निर्दोष रूप से नौकरी से निकाल दिया था, पर क्रोधित नहीं होता, बल्कि उसे गोद में ले लेता है जब उसका पुत्र मदन उसे बहुत मारता है और उसके दांत तोड़ देता है।

गिरधारी निम्न वर्ग का एक निर्दोष और विनम्र व्यक्ति है जो अन्याय के खिलाफ प्रतिकार करना चाहता है लेकिन ऐसा करने में असमर्थ है। 

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2. 'विष के दाँत' कहानी का सारांश लिखें। या, "विष के दाँत' कहानी में सामाजिक समानता और मानवाधिकार की बानगी है। कैसे? स्पष्ट कीजिए। 12A

उत्तर:- सेन साहब को अपनी कार का बहुत घमंड था। घर में कोई ऐसा नहीं था जो बिना अनुमति के गाड़ी भी चलाता हो। पाँचों लड़कियाँ अपने माता-पिता का अक्षरश: पालन करती थीं।

लेकिन वृद्धावस्था में पैदा हुए खोखे पर घर का कोई नियम लागू नहीं होता था। तभी गाड़ी को खतरा था तो वह इस खोखली यानी काशु से थी। सेन साहब अपने बेटे को इंजीनियर बनाना चाहते थे।

वे अपने दोस्तों के साथ अपने बेटे की क्षमताओं पर गर्व से चर्चा किया करते थे। एक दिन दोस्तों की गपशप और काशु के गुण गाते हुए अभी उठा ही था कि बाहर गपशप सुनाई दी।

जब वह बाहर आया तो उसने देखा कि शोफर गिरधारी की पत्नी से उलझ रहा है और उसका पुत्र मदन शोफर पर झपट रहा है। ड्राइवर ने कहा कि मदन कार को छू रहा था और मना करने पर उधम मचाता था।

सेन साहब ने मदन की माँ को चेतावनी दी और अपने पंसारी गिरधर को बुलाकर डांटा- अपने बेटे का ध्यान रखना। घर आकर गिरधारी ने मदन को खूब पीटा। दूसरे दिन मदन अपने दोस्तों के साथ अगली गली में लट्टू खेल रहा था।

काशु भी खेलने के लिए उत्साहित हो गया। लेकिन मदन ने लट्टू को देने से मना कर दिया और काशु की आदत बिगड़ गई थी. बस आदत से हाथ हट गया। मदन ने भी शराब के नशे में धुत होकर काशु के दांत पीट-पीटकर तोड़ डाले।

देर रात जब मदन घर आया तो सुना कि सेन साहब ने उसके बाप को नौकरी से निकाल दिया है और घर से निकल जाने का हुक्म भी दे दिया है। मदन के पैर से घड़ा लुढ़क गया।

आवाज सुनकर उसके माता-पिता बाहर आए। मदन पिटने को तैयार हो गया। गिरधारी उसकी ओर दौड़ा लेकिन अचानक उसका चेहरा बदल गया। उसने मदन को गोद में उठा लिया - 'शाबाश बेटा... मैं एक..... और खोखा के दो दाँत तोड़े तुम।'

इस प्रकार हम देखते हैं कि 'विष के दांत' में कथावाचक, उच्चवर्गीय सेन साहब की महत्त्वाकांक्षा, सफेदपोशों के भीतर लड़के-लड़कियों में भेदभाव, नौकरीपेशा गिरधारी की हीन भावना और विरोध करने का शौर्य और साहस उसके अंदर अन्याय। साहस के प्रति प्रेम और श्रद्धा को प्रस्तुत करते हुए प्रेम और दुलार के दुष्परिणामों को बखूबी दिखाया गया है।

3. सेन साहब के परिवार में बच्चो के लालन-पालन में किए जा रहे लिंग आधारित भेद-भाव का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।

उत्तर:- सेन साहब के परिवार में पाँच पुत्रियाँ थीं और एक पुत्र काशु था। लड़कियों को जोर से बोलना, शाम को छोड़कर किसी भी समय खेलना और जोर से हंसना मना था।

वह कभी कुछ नहीं तोड़ती थी। किन्तु पुत्र 'काशु' पर कोई नियम लागू नहीं होता था। उसे समय-समय पर खेलने-कूदने की आजादी थी। यहां तक कि अगर उसने बर्बरता की, तो उसे माफ कर दिया गया।

उन पर घर का कोई नियम लागू नहीं होता था। यह लिंग-भेद आधारित पालन-पोषण मानवीय संवेदनाओं पर चोट और सेन दंपत्ति की घटिया मानसिकता को दर्शाता है। 

4. आपकी दृष्टि में कहानी का नायक कौन है? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।  या, "विष के दाँत' कहानी का नायक कौन है? स्पष्ट कीजिए। 14A,17A 

उत्तर:- नायक वह है जिसके इर्द-गिर्द कहानी घूमती है और जिसके कार्य से कहानी का अंत होता है।

इस दृष्टि से यद्यपि 'विष के दांत' कहानी में सेन साहेब की चर्चा अधिक है, नायक उनकी फैक्ट्री का पंसारी (किरानी) गिरधारी का पुत्र मदन है।

कहानी तब बदल जाती है जब मदन पर सेन साहेब की कार को छूने का आरोप लगाया जाता है, जिससे ड्राइवर को उसे नीचे धकेलना पड़ता है, जिस पर मदन प्रतिशोध में उस पर झपटता है।

वह सेन साहब से भी नहीं डरता, उनकी मौजूदगी में भी वह ड्राइवर को मारने के लिए दौड़ पड़ता है। इस घटना के बाद उसकी पिटाई की जाती है लेकिन वह मूल बात नहीं भूलता।

जब खोखा लट्टू खेलने आता है और लट्टू माँगता है, तो मदन उससे बराबरी का व्यवहार करता है और उसे अपने लट्टू लाने को कहता है 

और जब क्रोधित खोखा उस पर बिना किसी हिचकिचाहट और निडरता के हाथ रखता है, तो वह उस पर टूट पड़ता है, और और उसके दो-दो दाँत तोड़ देता है। 

वह अन्याय बर्दाश्त नहीं करता है। नायक की पहचान निर्भीकता और साहसिकता है। मदन में ये दोनों गुण मौजूद हैं। इसलिए मदन 'विष के दाँत' के नायक हैं।

5. मदन का चरित्र-चित्रण कीजिए।

उत्तर:- मदन सेन साहेब की फैक्ट्री की किरानी गिरधारी का बेटा है। वह पांच-छह साल का है लेकिन अच्छे-बुरे, ऊंच-नीच को समझने की अक्ल रखता है।

वह झूठ को बर्दाश्त नहीं करता है, यही वजह है कि जब ड्राइवर उस पर कार को गंदा करने का आरोप लगाता है, तो वह जवाबी कार्रवाई करता है उम्र में अपने से बड़े ड्राइवर पर झपटता है।

वह निडर है। सामने सेन साहब भी ड्राइवर की ओर कूद पड़ते हैं। वह ड्राइवर के अन्याय और अपमान को नहीं भूलता। वह गरीबी की हीन भावना से ग्रस्त नहीं है।

वह खोखा से चिल्लाता है 'जा अपना लटू ले आ'। मदन लाइक को लाइक देना जानता है। जब खोखा उस पर हाथ छोड़ता है तो वह उससे भिड़ जाता है और उसे मारकर दांत तोड़ देता है। इस प्रकार मदन एक निडर, साहसी स्वाभिमानी बालक है।

6. 'महल और झोपड़ी वालों की लड़ाई में अक्सर महल वाले ही जीतने हैं, पर उसी हालत में जब दूसरे झोपड़ी वाले उनकी मदद अपने ही खिलाफ करते हैं।' लेखक के इस कथन को कहानी से एक उदाहरण देकर पुष्ट कीजिए। अथवा, काशू और मदन के बीच झगड़ों का कारण क्या था? इस प्रसंग के द्वारा लेखक क्या दिखाना चाहता है? [17A ]

उत्तर:- मदन सेन साहब के मुलाजिम गिरधारी का बेटा था। बाल-सुलभ स्वभाव से उसने सेन साहब की नयी गाड़ी छूकर उसकी चमक आदि जानने की कोशिश की तो ड्राइवर ने उसे धक्का दे दिया। 

उसके घुटने छिल गये। गुस्से में जब मदन उसकी ओर झपटा तो सेन साहब आए गए और ड्राइवर ने मदन की शिकायत कर दी। सेन साहब क्रुद्ध हो गए। उन्होंने मदन की माँ को जाने को कहा और गिरधारी को भी चेतावनी दी।

मदन के पिता और ड्राइवर दोनों ही निम्न वर्ग अर्थात् झोपड़ी वाले थे लेकिन एक ने दूसरे के खिलाफ झूठी बात कहकर झोपड़ी वाले को पराजित किया और महलवाले सेन साहब की जीत हुई। यह तो एक उदाहरण है। समाज में अक्सर ऐसा होता है और यही निम्न या निम्न मध्य वर्ग की त्रासदी है।

7. "विष के दाँत' शीषक कहानी की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। BM, 16 A

उत्तर:- शास्त्रीय विधान के अनुसार किसी रचना के शीर्षक की उपयुक्तता की तीन कसौटियाँ हैं कथावस्तु की प्रतीकता, आकर्षकता और संक्षिप्तता। 'विष के दाँत' कहानी में सारी कथा सेन-दम्पति के अहं के इर्द-गिर्द घूमती है।

सब कुछ उनके ही परिवार के बारे में होता है। अतः शीर्षक में 'अहंकार' का विष विद्यमान है।  'विष के दाँत' अत्यन्त  दिलचस्प हैं क्योंकि यह बात खिंचती है कि ये 'विष के दाँत' हैं क्या? 

जहां तक संक्षिप्तता का संबंध है, यह बहुत संक्षिप्त नहीं है लेकिन फिर भी संक्षिप्त है। लेखक 'विष के दाँत' की जगह 'विषदंत' शीर्षक भी रख सकता था लेकिन उसने संस्कृतनिष्ठता (संस्कृतवाद) से बचने के लिए ऐसा किया है। अतः हम कह सकते हैं कि 'विष के दाँत' एक उपयुक्त शीर्षक है।

8. लड़कियाँ क्या हैं, कठपुतलियाँ हैं और उनके माता-पिता को इस बात का गर्व है-सप्रसंग व्याख्या करें। 16C 

उत्तर:- प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य-पुस्तक 'गोधूलि' भाग-2, के 'विष के दाँत' शीर्षक कहानी से उद्धृत हैं जिसमें कहानीकार नलिन विलोचन शर्मा ने सेन साहब की लड़कियों दशा का वर्णन किया है।

कथावाचक कहता है कि सेन साहब की लड़कियाँ लड़कियाँ नहीं, कठपुतली हैं। कठपुतलियों को उनके मालिक द्वारा नचाया जाता है और सेन साहब की लड़कियां अपने माता-पिता की इच्छा का पालन करती हैं,

उनकी अपनी कोई शक्ति या अस्तित्व नहीं है, उनकी अपनी कोई इच्छा नहीं है। सबसे बढ़कर, माता-पिता को अपनी इस स्थिति पर गर्व होता है कि उनकी बेटियाँ उनकी हर बात मानती हैं।

यहाँ कहानीकार ने स्वाभाविक प्रवृत्ति के विरुद्ध अपने बच्चों पर अपनी इच्छा थोपने पर सरलता से व्यंग्य किया है। इस पंक्ति में लेखक ने माता-पिता की उस प्रवृत्ति का उल्लेख किया है जिससे संतान बिगड़ जाती है। 

9. हंस कौओं की जमात में शामिल होने के लिए ललक गया-सप्रसंग व्याख्या करें।

उत्तर:- प्रस्तुत पंक्ति हमारी पाठ्य-पुस्तक 'गोधूलि, भाग-2' में संकलित नलिन विचोलन शर्मा की 'विष के दाँत' शीर्षक कहानी से उद्धृत है।

लेखक सेन साहब के बेटे काशु की गली के बच्चों के साथ लट्टू खेलने की इच्छा को प्रतिकूल परिस्थिति मानता है। आमतौर पर संपन्न घरों के लड़के निम्न वर्ग के बच्चों के साथ नहीं खेलते। काशू की यह इच्छा वैसी ही थी जैसे हंस कौओं की जमात में शामिल हो।

कथावाचक ने यह व्यंग्य हंस और कौए के एक साथ रहने की स्थिति पर किया है। अमीरों की तुलना हंस से और निम्न वर्ग की तुलना कौए से करना की नयी उद्भावना है। 

10. खोखा या काशू का चरित्र-चित्रण करें। (11A)  या, खोखा किन मामलों में अपवाद था? (14A, 19 A)

उत्तर:- काशु धनी-संपन्न सेन साहब के आशाहीन वृद्धावस्था की आँखों का तारा है। माता-पिता के अत्यधिक लाड़-प्यार ने उसे जिद्दी बना दिया है। वह घर के किसी भी नियम का अपवाद है।

नौकरों और बड़ी बहनों पर हाथ डालने में देर नहीं लगाते। वह घर आए मेहमानों के वाहनों के पहियों से हवा निकालने, तोड़फोड़ करने में संकोच या परेशान नहीं करता है।

वह सभी को अपने से हीन समझता है। यही वजह है कि वह मदन के हाथों पिट जाता है। काशु एक गुस्सैल, शरारती लड़का है जो अपने माता-पिता के अत्यधिक लाड़-प्यार से बिगड़ गया है।

11. ऐसे ही लड़के आगे चलकर गुंडे, चोर और डाकू बनते हैं। सप्रसंग व्याख्या करें।

उत्तर:- हमारी पाठ्यपुस्तक 'गोधुली' भाग-2 में संकलित नलिन विलोचन शर्मा की 'विष के दाँत' शीर्षक वाली कहानी से निम्नलिखित पंक्ति उद्धृत है। प्रसंग है सेन साहब का गिरधारी को उपदेश और चेतावनी।

सेन साहेब कहते हैं कि जो लड़के बड़ों का सम्मान नहीं करते, उनकी बात नहीं सुनते, बुरा काम करते हैं और मना करने पर लड़ते रहते हैं, बाद में गुंडे, चोर और डकैत बन जाते हैं। लेखक ने सरल शब्दों में मनोवैज्ञानिक तथ्यों का उल्लेख किया है।

'विष के दाँत' लघु उत्तरीय प्रश्न

1. काशू और मदन के बीच झगड़े का क्या कारण था? इस प्रसंग द्वारा लेखक क्या दिखलाना चाहता है? 16A

उत्तर:- काशू और मदन के बीच झगड़े का कारण काशू की लटू खेलने की ललक और मदन द्वारा उसे खेलाने से इनकार करना था। लेखक इसके द्वारा बच्चों की ईर्ष्या और इनकार दिखाना चाहता है।

2. काशू और मदन की लड़ाई कैसी थी?

उत्तर:- काशू और मदन की लड़ाई हड्डी और मांस की, बंगले के पिल्ले और गली के कुत्ते की लड़ाई थी।

3. झोपड़ी और महल की लड़ाई में अक्सर कौन जीतते हैं?

उत्तर:- झोपड़ी और महल की लड़ाई में अक्सर महल वाले ही जीतते हैं।

4. सेन साहब अपने 'खोखा' को क्या बनाना चाहते थे?

उत्तर:- सेन साहब अपने 'खोखा' को इंजीनियर बनाना चाहते थे।

5. गिरधारी कौन था?

उत्तर:- गिरधारी सेन साहब की फैक्ट्री में किरानी था।

विष के दांत कक्षा 10 हिंदी प्रश्न उत्तर | Objective Question Answer 2023


1. 'विष के दाँत' कहानी के रचयिता कौन हैं?
(क) अमरकांत
(ख) विनोद कुमार शुक्ल
(ग) नलिन विलोचन शर्मा
(घ) यतीन्द्र मिश्र

2. 'विष के दाँत' कैसी कहानी है?
(क) सामाजिक
(ख) ऐतिहासिक
(ग) धार्मिक
(घ) मनोवैज्ञानिक

3. 'विष के दाँत समाज के किस वर्ग की मानसिकता उजागर करती है?
(क) उच्च वर्ग
(ख) निम्न वर्ग
(ग) मध्य वर्ग
(घ) निम्न- मध्य वर्ग

4. 'विष के दाँत' पाठ की विधा है
(क) निबंध
(ख) व्यक्तिचित्र
(ग) कविता
(घ) कहानी

5. विष के दाँत कहानी का प्रमुख पात्र कौन है?
(क) सेन साहब
(ख) खोखा
(ग) मदन, गिरधर
(घ) सभी सही हैं

6. गिरधरलाल का बेटा है?
(क) खोखा
(ख) काशू
(घ) आलो
(ग) मदन

7. गिरधरलाल, सेन साहब की फैक्टरी में क्या था?
(क) किरानी
(ख) ड्राइवर
(ग) एकाउन्टेन्ट
(घ) इनमें से कोई नहीं

8. सेन साहब की नई मोटरकार किस रंग की थी?
(क) सफेद
(ख) काली
(ग) नीली
(घ) लाल

9.सेन साहब की नई मोटरकार कितने की थी?
(क) साढ़े आठ हजार
(ख) साढ़े सात हजार
(ग) साढ़े छह हजार
(घ) साढ़े पाँच हजार

10. सेन साहब अपने बेटे खोखा को क्या बनाना चाहते थे? 190
(क) डॉक्टर
(ख) खिलाड़ी
(ग) बिजनेस मैन, इंजीनियर
(घ) पत्रकार

11. सेन साहब की नई मोटरकार की पिछली बत्ती का लाल शीशा किसने चकनाचूर किया था?
(क) मदन
(ख) काशू
(ग) शोफर
(घ) इनमें से कोई नहीं

12. सेन साहब की आँखों का तारा है
(क) कार
(ख) खोखा
(ग) खोखी
(घ) उपर्युक्त सभी

13. सेन साहब किस तरह के आदमी थे?
(क) अहंकारी
(ख) तानाशाह
(ग) मूर्ख
(घ) विद्वान

14. 'मदन' किसका बेटा है?
(क) सेन साहब का
(ख) गिरधर लाल का
(ग) शोफर का
(घ) अखबारनवीस का

15. मदन और काशू के बीच झगड़े का कारण था
(क) पहलवानी
(ख) ईर्ष्या
(ग) लट्टू खेलने की ललक
(घ) साईकिल की सवारी

16. मदन के लिए क्या खाना मामूली बात थी?
(क) मार
(ख) दुलार
(ग) प्यार
(घ) दुत्कार

17. खोखा किन मामलों में अपवाद था?
(क) नियम मानने में
(ख) घर के नियम की धज्जियाँ उड़ाने में
(ग) सबको प्यार करने में
(घ) सभी गलत हैं

18. खोखा के दो-दो दाँत किसने तोड़ डाले?
(क) काशू
(ख) मदन
(ग) गिरधरलाल
(घ) सेन साहब

19. खोखा जीवन के नियम का अपवाद था और यह अस्वभाविक नहीं था कि वह घर के नियमों का भी अपवाद हो। यह गद्यांश किस पाठ का है। 
(क) विष के दाँत
(ख) शिक्षा और संस्कृति
(ग) बहादुर
(घ) मछली

20. सीमा, रजनी, आलो, शेफाली, आरती-पाँचों किसकी बहनें थीं?
(क) मदन की
(ख) खोखा की
(ग) लेखक की
(घ) सेन साहब की

21. नलिन विलोचन शर्मा का जन्म कब हुआ था?
(क) 18 फरवरी, 1916
(ख) 2 फरवरी, 1907
(ग) 22 अप्रैल, 1925
(घ) 10 अक्टूबर, 1912

22.'महल और झोपड़ीवालों की लड़ाई में अक्सर महलवाले ही जीतते हैं, पर उसी हालत में, जब दूसरे झोपड़ीवाले उनकी मदद अपने ही खिलाफ करते हैं। किस पाठ की पंक्ति है?
(क) बहादुर
(ख) शिक्षा और संस्कृति
(ग) मछली
(घ) विष के दाँत

22. 'मोटर को कोई खतरा हो सकता है, तो ......... से।'
(क) खोखा
(ख) मदन
(ग) सीमा
(घ) शेफाली

24. हिन्दी कविता में प्रपद्यवाद्' के प्रवर्तक कौन हैं?
(क) अमरकांत
(ख) रामविलास शर्मा
(ग) नलिन विलोचन शर्मा
(घ) अशोक वाजपेयी

25. आलोचकों के अनुसार प्रयोगवाद का वास्तविक प्रारंभ किनकी कविताओं से हुआ?
(क) हजारी प्रसाद द्विवेदी
(ख) नलिन विलोचन शर्मा
(ग) अमरकांत
(घ) अशोक वाजपेयी

26. झोपड़ी और महल की लड़ाई में अक्सर कौन जीतते हैं?
(क) झोपड़ीवाले
(ख) महलवाले
(ग) दोनों
(घ) कोई नहीं

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